डॉo संजय (हाजीपुर)-जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, वैशाली , वर्षा सिंह (भा.प्र.से.) के निर्देश के आलोक में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक एहतियाती एवं सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं। ऊपरी क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा तथा विभिन्न सहायक नदियों में बढ़े जलप्रवाह के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। केंद्रीय जल आयोग एवं जल संसाधन विभाग के स्तर से जलस्तर एवं नदी के प्रवाह की सतत निगरानी की जा रही है तथा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
गंगा नदी के प्रवाह से प्रभावित होने वाले संभावित निचले एवं दियारा क्षेत्रों, विशेषकर राघोपुर, बिदुपुर, हाजीपुर सदर, महनार, सहदेई बुजुर्ग एवं देसरी अंचलों में प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड में रखा गया है। संबंधित अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर तटबंधों, सुरक्षा बांधों, जलभराव वाले स्थलों एवं संभावित प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने तथा आवश्यकता के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।नदी में बढ़े जलस्तर के मद्देनजर नावों के सुरक्षित परिचालन को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने की स्थिति को रोकने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मोटर वाहन निरीक्षक एवं संबंधित अंचल अधिकारियों द्वारा घाटों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। नावों के परिचालन के दौरान सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राघोपुर अंचल के चकसिंगार पंचायत अंतर्गत रामपुर गांव में पानी फैलने के कारण स्थानीय लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए अंचल प्रशासन द्वारा नावों का परिचालन प्रारंभ कराया गया है। इसके अतिरिक्त रुस्तमपुर एवं चकऔसन घाट पर भी आमजन की सुविधा एवं आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।जिले की सीमा में स्थित सभी तटबंध एवं सुरक्षा बांधों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जल संसाधन विभाग के अभियंताओं एवं तकनीकी कर्मियों के साथ-साथ गृह रक्षा वाहिनी के जवानों को तटबंधों की नियमित निगरानी एवं गश्ती में लगाया गया है ताकि किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति की तत्काल पहचान कर आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की जा सके।किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हाजीपुर, महनार, राघोपुर एवं लालगंज में एसडीआरएफ की टुकड़ियों को रणनीतिक रूप से तैनात रखा गया है। जिला राहत एवं बचाव दल को भी पूरी तरह सक्रिय एवं हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा सके।
समाहरणालय स्थित जिला आपातकालीन संचालन केंद्र हाजीपुर का नियंत्रण कक्ष 24 घंटे क्रियाशील है। किसी भी आपात स्थिति, जलस्तर में अचानक वृद्धि, तटबंध अथवा सुरक्षा बांध से संबंधित सूचना तथा राहत-बचाव की आवश्यकता की स्थिति में आमजन नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06224-260233 एवं 06224-260234 पर सूचना दे सकते हैं। प्राप्त सूचनाओं पर संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों के माध्यम से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जिला प्रशासन द्वारा तटीय एवं दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क एवं सावधान रहें। नदी के तेज प्रवाह, घाटों एवं तटबंधों के निकट अनावश्यक रूप से जाने से बचें तथा बच्चों को नदी एवं अन्य जलस्रोतों से दूर रखें। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और बाढ़ एवं जलस्तर से संबंधित सूचनाओं के लिए केवल जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग एवं अन्य अधिकृत सरकारी माध्यमों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
