छपरा सदर। जयप्रकाश विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा -2024 शुक्रवार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। बताते चलें कि स्नातकोत्तर सत्र 2024– 26 की 2024 की प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा जयप्रकाश विश्वविद्यालय के मल्टीपरपस भवन के सभी लेक्चर हॉल में संचालित हो रही थी।
उक्त परीक्षा विगत 10 फरवरी से लेकर के 20 फरवरी तक चली, जिसमें कुल 17 विषयों के परीक्षार्थियों का परीक्षा संपन्न हुआ। इस परीक्षा के केंद्राधीक्षक प्रोफेसर उदय अरविंद जो विश्वविद्यालय में महाविद्यालय निरीक्षक है, के कुशल नेतृत्व में सूचरिउ रूप से सम्पन्न हो गया। संयुक्त केंद्र अधीक्षक डॉ.अनिल कुमार गोप एवं सहायक केन्द्राधीक्षक डॉ पीयूष बदानी तथा डॉ वर्चस्वल कश्यप थे।
कुल 17 विषयों के करीब एक हजार से ज्यादा परीक्षार्थियों ने इन 10 दिनों में अपनी परीक्षा दी। इसके लिए कुल करीब 53 वीक्षक वीक्षण कार्य के लिए लगाए गए थे जिसमें 43 प्राध्यापक तथा 10 शोधार्थी शामिल थे। उक्त परीक्षा को सुचारू ढंग से चलने के लिए 9 तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की भी सहभागिता रही। जिन्होंने परीक्षा संचालन में केंद्राधीक्षक को भरपूर सहयोग किया। गौरतलब है कि यह परीक्षा जेपीयू के कुलपति प्रोफेसर परमेंद्र कुमार बाजपेई के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
प्रोफेसर बाजपेई खुद परीक्षा का मॉनिटरिंग भी यदा कदा कर रहे थे तथा परीक्षा का निरीक्षण के दौरान केंद्राधीक्षक एवं परीक्षा संचालित करा रहे कर्मियों को शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त परीक्षा संपन्न करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दे रहे थे।पूरी परीक्षा के दौरान दो परीक्षार्थी कदाचार के आरोप में निष्कासित भी किए गए हैं। शांतिपूर्ण कदाचार रहित परीक्षा संपन्न होने पर विवि के पूर्व विज्ञान संकायाध्यक्ष रहे केंद्राधीक्षक प्रोफेसर उदय अरविंद ने वीक्षण कार्य में लगे वीक्षकों, थर्ड एवं फोर्थ ग्रेड के कर्मचारियों में मुख्यतःडॉ विद्या भूषण श्रीवास्तव, सुधीर कुमार सिंह, उमेश कुमार सिंह, रणधीर यादव, कुणाल किशोर, असगर अली, रियाजुद्दीन अंसारी, कुणाल कुमार, जितेंद्र राम तथा विश्वविद्यालय के सिक्योरिटी गार्ड्स के प्रति आभार व्यक्त किया तथा उन्होंने कहा कि सभी विक्षक एवं कर्मचारियों के सहयोग के बदौलत यह परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त सम्पन्न हुई।
इस बाबत केंद्राधीक्षक प्रोफेसर उदय अरविंद ने बताया कि मैं विश्वविद्यालय प्रशासन को धन्यवाद देना चाहता हूं। साथ ही छात्र नेताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस परीक्षा पर कदाचार के लिए मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं बनाया। उन्होंने यह भी बताया कि इन परीक्षार्थियों के अभिभावक भी धन्यवाद के पात्र हैं जिन्होंने अपने बच्चों को सिर्फ प्रवेश पत्र और पेन के साथ ही परीक्षा हॉल में जाने के लिए दबाव बनाया और धन्यवाद मै उन सभी परीक्षार्थियों को भी देना चाहता हूं कि विलंब से सत्र चलने के बावजूद भी उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से और कदाचार मुक्त परीक्षा लेने में काफी सहयोग किया। क्योंकि इन परीक्षार्थियों को बहुत कम समय मिला है, पढ़ाई करने के लिए।
सत्र विलंब के कारण जल्दी से एडमिशन हुए जल्दी से फॉर्म भर गया और परीक्षा भी काफी कम समय के अंतराल पर ले लिया गया है। इसमें छात्रों का भी सहयोग रहा साथ ही साथ कुलपति तथा विश्वविद्यालय प्रशासन एवं विभागाध्यक्षों से जब-जब मैं सहयोग की मांग की उन्होंने मुझे भरपूर सहयोग किया।
इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कुलपति एवं सभी विभागाध्यक्षों को भी केंद्राधीक्षक डॉ उदर अरविंद ने धन्यवाद दिया तथा विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस परीक्षा को कदाचार रहित एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करने के लिए मुझे एवं मेरी पूरी टीम को सहयोग किया। उधर,संयुक्त केंद्राधीक्षक डॉ. अनिल कुमार गोप ने बताया कि इस परीक्षा में सम्मिलित परीक्षार्थियों ने भी काफी सहयोग दिया जिससे शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा सम्पन्न हुई जबकि सहायक केंद्राधीक्षक डॉ. पीयूष भदानी का सहयोग प्रेरणादायक रहा जिन्होंने सभी तथ्यों एवं आंकड़ो को एक सूत्र में बांधकर अपटूडेट कर दिया ।
वही एक अन्य सहायक केंद्राधीक्षक डॉ वर्चस्वल कश्यप ने कहा कि केंद्राधीक्षक के नेतृत्व में बनी टीम ने पूरी सादगी,पारदर्शिता,ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठ दायित्व का जो परिचय दिया वह एक यादगार बना जो किसी भी परीक्षा को सम्पन्न कराने के लिए एक प्रेरणा का स्रोत साबित होगा।
