– डॉ संजय (हाजीपुर)- जिलाधिकारी, वैशाली, वर्षा सिंह ने गोरौल प्रखंड में जीविका समूह द्वारा संचालित “दीदी का सिलाई घर” का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिलाई केंद्र की व्यवस्था का अवलोकन किया तथा वहां कार्यरत जीविका दीदियों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की।विदित हो कि गोरौल स्थित इस सिलाई घर में कुल 350 सिलाई मशीनें संचालित हैं जहाँ लगभग 400 जीविका दीदियाँ सिलाई कार्य में संलग्न हैं।
यहाँ एस.सी./एस.टी. विद्यालयों के बच्चों की पोशाक, “दीदी की रसोई” में कार्यरत कर्मियों की वर्दी, स्कूल बैग, अस्पताल के मरीजों के वस्त्र सहित अन्य आवश्यक सामग्री का निर्माण कर आपूर्ति की जा रही है।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत 5 हजार बच्चों के लिए तैयार पोशाक लदी गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर संबंधित केंद्रों के लिए रवाना किया। साथ ही उन्होंने सिलाई केंद्र परिसर में 50 बच्चों के बीच अपने हाथों से पोशाक वितरित की।इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी, वर्षा सिंह ने कहा कि एक ही केंद्र पर इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं का संगठित होकर कार्य करना अत्यंत सराहनीय है।
इससे न केवल बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार मिला है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि इस पहल से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनेंगी।उन्होंने कहा कि जीविका के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में जिला प्रशासन सतत प्रयासरत है। संकुल संघ स्तर पर संचालित सिलाई कार्य से महिलाओं को घर के निकट ही सम्मानजनक आजीविका प्राप्त हो रही है।
इस संबंध में जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक, वंदना कुमारी ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में कुल 39 संकुल संघ स्तर पर सिलाई कार्य संचालित है जहाँ लगभग 900 दीदियाँ कार्यरत हैं। वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए पोशाक तैयार की जा रही है। अब तक 18,719 बच्चों के लिए पोशाक तैयार कर आपूर्ति की जा चुकी है। वैशाली जिले में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के कुल 1,45,037 बच्चों के लिए दो-दो सेट पोशाक तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित है। उन्होंने बताया कि गौरौल एवं पटेढ़ी बेलसर प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को पोशाक की आपूर्ति पूर्ण कर ली गई है।इस मौके पर आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, संबंधित सीडीपीओ, प्रबंधक (नॉन-फार्म) मनीष कुमार, प्रखंड परियोजना प्रबंधक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
