नगर में जगह जगह पुष्प वर्षा के साथ स्वागत
(हरिप्रसाद शर्मा)/ अजमेर/ धार्मिक नगरी पुष्कर में रविवार 43 दिवसीय शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ का शुभारंभ होगा । प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे बड़ा 43 दिवसीय चलने वाले शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ की शुरुआत कलश एवं शोभायात्रा के साथ की जायेगी । यह कलश यात्रा ब्रह्म घाट से शुरू होगी । जिसमें सभी महिलाएँ एक जैसे परिधान पहन कर कलश लेगी। कलश के उपर नारियल एवं कलश को अशोक पत्तों से सजाया जाएगा । नगरवासियों द्वारा शोभायात्रा का जगह स्वागत किया जाएगा ।
इस यह का आयोजन स्वामी प्रखर महाराज द्वारा किया जा रहा है । पुष्कर में पहला एवं सबसे बड़ा महायज्ञ होगा, जो 43 दिनों तक चलेगा । रविवार को दोपहर में साढ़े तीन बजे स्वामी प्रखर महाराज के सान्निध्य में कई संत महात्मा , महामण्डलेश्वर एवं यजमान परिवार , दो हजार विद्वान पंडितों के साथ साथ सैकड़ों श्रद्धालु महिला -पुरुष यज्ञ स्थल से रवाना होकर ब्रह्म घाट पहुंचेंगे । हजारों महिलाएँ कलश में पवित्र पुष्कर सरोवर का जल लेगी । इससे पूर्व पूजा अर्चना होगी ।शोभायात्रा में तीन अलग अलग बैंड , ध्वज वाहक घोड़े , छह बग्घियां के साथ साथ सात आकर्षक झांकियां भी शामिल होंगी जिनका कस्बे में जगह जगह हजारों किलों पुष्पों से भव्य स्वागत किया जाएगा ।
यह कलश यात्रा गऊ घाट , सदर बाजार , बद्री घाट , वराह चौक , महादेव चौक , सूर्य धर्मशाला , नए रंग जी मंदिर , गुरुद्वारा, हाई लेवल ब्रिज , ब्रम्ह सावित्री वेद विद्यापीठ होते हुए पुनः यज्ञ स्थल पर जाकर सम्पन्न होगी ।पश्चात सभी यजमानों द्वारा कलश स्थापित किए जाएंगे।यज्ञ में शामिल होने के लिए देश के कोने कोने से हजारों विप्र बंधु पहुंचने लग गए हे। इस महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर महा निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर विशोकानंद जी भारती सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहेंगे।
यह महायज्ञ 8मार्त से 19 अप्रैल तक 43 दिनों तक अनवरत चलेगा। महायज्ञ के लिए विशेष रूप से 200 यज्ञ कुंड बनाए गए हैं, जहां विद्वान आचार्यों के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देशभर से पहुंचे हुए 200 यजमान दंपति प्रतिदिन आहुतियां देंगे ।महायज्ञ स्थल पर ही प्रतिदिन लगभग 2000 संध्या-वंदन करने वाले विप्र गायत्री मंत्र का सामूहिक जाप करेंगे। इस प्रकार पूरे आयोजन के दौरान करीब 27 करोड़ गायत्री मंत्रों के जाप का संकल्प लिया गया है, जिसे विश्व शांति और मानव कल्याण के उद्देश्य से समर्पित किया । यह महायज्ञ प्रखर परोपकार मिशन ट्रस्ट और विप्र फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है ।इस कार्यक्रम की तैयारिया पूर्ण कर ली गई है ।
