दिव्या दीप्ती गैस एंटरप्राइजेज” पर सवाल
जिम्मेदारों की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश
(हरिप्रसाद शर्मा) पुष्कर/ अजमेर/ अंतरराष्ट्रीय तीर्थनगरी पुष्कर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई ठप्प होने से हालात विस्फोटक बन गए हैं। शहर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर सीधा असर पड़ा है, कई प्रतिष्ठान बंद हो चुके हैं और कई बंद होने की कगार पर हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन देने में लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, शहर की एक मात्र गैस एजेंसी “दिव्या दीप्ती गैस एंटरप्राइजेज” द्वारा पिछले 9 तारीख से नियमित सप्लाई नहीं दी जा रही। एजेंसी की ओर से “डिलीवरी नहीं आने” की बात कही जा रही है, लेकिन इतने लंबे समय तक गैस आपूर्ति ठप रहना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
*रेस्टोरेंट बंद, कारोबार ठप
गैस नहीं मिलने के कारण कई रेस्टोरेंट और होटल अपने किचन बंद कर चुके हैं। हालात यह हैं कि कई व्यवसायियों को अपने प्रतिष्ठानों पर ताले लगाने पड़ रहे हैं। गेस्ट नहीं मिलने से आर्थिक संकट और गहराता जा रहा है।
तीर्थनगरी में व्यवस्थाएं चरमराई
रोजाना हजारों श्रद्धालुओं के आने वाले पुष्कर में इस तरह की स्थिति प्रशासनिक विफलता को उजागर करती है। भोजन व्यवस्था प्रभावित होने से पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने लगा है।
जिम्मेदारों पर सीधे सवाल
9 दिन से सप्लाई बंद, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियां स्थिति से अनजान हैं या अनदेखी कर रही हैं?
पुष्कर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के लिए आपात व्यवस्था क्यों नहीं?
एजेंसी संचालक की भूमिका पर भी सवाल
लगातार सप्लाई नहीं देना और स्पष्ट जवाब न देना “दिव्या दीप्ती गैस एंटरप्राइजेज” के संचालन पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा।
व्यापारियों में आक्रोश
होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि “न तो एजेंसी सुन रही है और न ही जिम्मेदार अधिकारी। आखिर जाएं तो जाएं कहां?”
पुष्कर की पूरी अर्थव्यवस्था पर्यटन और होटल व्यवसाय पर टिकी है। ऐसे में गैस संकट केवल एक सप्लाई समस्या नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी का खुला उदाहरण बन चुका है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
