राजस्थान के ये बालाजी पूरी करते हैं सबकी मुरादें, 300 साल से भी ज्यादा पुराना है मंदिर

Rakesh Gupta
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(हरिप्रसाद शर्मा) अजमेर/ राजस्थान के हृदय स्थल माने जाने वाले अजमेर शहर के मध्य स्थित बजरंगगढ़ बालाजी मंदिर एक बार फिर हनुमान जयंती के अवसर पर श्रद्धा और आस्था का केंद्र बन गया। 300 वर्षों से अधिक प्राचीन इस मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे और पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा। हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर यहां भव्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें शहर सहित दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

12 बजे हुई महाआरती

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हनुमान जयंती के मौके पर मंदिर को विशेष रूप से आकर्षक सजावट से सजाया गया। बालाजी को छप्पन भोग अर्पित किया गया और सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों का दौर शुरू हो गया। मंदिर में सुबह सुंदरकांड का पाठ आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसके बाद दोपहर 12 बजे महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और बालाजी के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

300 साल पुराना है मंदिर

बजरंगगढ़ के नाम से प्रसिद्ध यह मंदिर विश्वभर में अपनी विशेष पहचान रखता है। मंदिर के व्यवस्थापक रणजीत मल लोढ़ा के अनुसार, यह धाम स्वयंभू प्रकट बालाजी का स्थान है, जहां भक्तों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि करीब 300 वर्ष पूर्व इस मंदिर का निर्माण कराया गया था और तब से यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचे और बालाजी के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और भजन-कीर्तन के साथ श्रद्धालु भगवान हनुमान की भक्ति में लीन नजर आए।

हर मनोकामना होती है पूर्ण

स्थानीय लोगों का मानना है कि बजरंगगढ़ बालाजी मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है। यही कारण है कि हर वर्ष हनुमान जयंती पर यहां श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता है और यह धाम एक बड़े धार्मिक आयोजन का केंद्र बन जाता है।

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