छपरा :पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य जनाक्रोश प्रदर्शन में छपरा से विधायक छोटी कुमारी हजारों महिलाओं के साथ पहुंचीं। रैली में महिलाओं की भारी और उत्साही भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर समाज के हर वर्ग में व्यापक समर्थन और जागरूकता है। पूरे मैदान में “नारी शक्ति जिंदाबाद” और “अधिकार हमारा, नहीं किसी का उपकार” जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा।
इस दौरान विधायक छोटी कुमारी ने विपक्ष पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस, राजद सहित अन्य दलों ने इस महत्वपूर्ण विषय पर कभी गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक महिलाओं को उनका अधिकार देने के नाम पर केवल राजनीति की गई और जब ठोस कदम उठाने का समय आया, तो विपक्ष ने समर्थन से दूरी बना ली। यह महिलाओं के हितों के प्रति उनकी उदासीनता और दोहरे चरित्र को दर्शाता है।
विधायक ने स्पष्ट किया कि हम लोग सरकार में हैं और महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, भागीदारी और सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल है, जिसे सरकार हर हाल में लागू कराएगी।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए लगातार ठोस निर्णय लिए जा रहे हैं। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और सरकार उन्हें और अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
विधायक छोटी कुमारी ने कहा कि यह जनाक्रोश रैली केवल विरोध नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश है कि अब महिलाएं अपने अधिकार के लिए खुद खड़ी हो चुकी हैं। अगर जरूरत पड़ी तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे और जब तक महिलाओं को उनका पूरा अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने अंत में सभी महिलाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज गांधी मैदान में उमड़ा यह जनसैलाब आने वाले समय में बड़े बदलाव का संकेत है और यह आंदोलन इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
मुख्य रूप से महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नीलम सिंह,जिला उपाध्यक्ष कंचन कुशवाहा, मुन्नी देवी, सबिता देवी, निभा देवी, आरती देवी, मीना देवी, पूजा देवी, रीना देवी, पिंकी देवी, श्वेता कुमारी, कविता कुमारी, नीलम देवी, सोना देवी, गुड्डी कुमारी, मुन्नी कुमारी, किरण देवी, सरस्वती देवी इत्यादि मौजूद थीं।
