जमुई: डीएम ने जनता दरबार में सुनीं 32 से अधिक शिकायतें, दो दिव्यांगों को मौके पर मिली ट्राई-साइकिल

Rakesh Gupta
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मृगांक शेखर सिंह/ जमुई:जमुई में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय-3: सबका सम्मान, जीवन आसान’ के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने और आम जनता को प्रशासनिक राहत पहुंचाने के लिए जिला पदाधिकारी ने आज अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जनता दरबार का आयोजन किया। इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आम नागरिकों ने जिला पदाधिकारी के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा, जिस पर उन्होंने बेहद संवेदनशीलता और तत्परता के साथ विचार करते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

आयोजित जनता दरबार में कुल 32 से अधिक आवेदन जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इनमें से अधिकांश मामले भूमि विवाद, अवैध अतिक्रमण, अवैध कब्जा, जमीन की पैमाइश में होने वाली देरी, पारिवारिक विवादों और दिव्यांग जनों की समस्याओं से संबंधित थे। इसके अतिरिक्त सामाजिक सरोकार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण आवेदन भी सामने आए, जिनमें सामाजिक सुरक्षा के तहत विधवा पेंशन न मिलने और क्षेत्र में खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त कराने जैसी मांगें शामिल थीं।मामलों के त्वरित निवारण हेतु जिला पदाधिकारी ने तात्कालिक तत्परता दिखाते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को दूरभाष पर समाधान हेतु स्पष्ट निर्देश दिए।

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साथ ही जिला पदाधिकारी ने प्रभारी पदाधिकारी दिव्यांगजन कोषांग को मौके पर ही बुलाकर उपस्थित दोनों दिव्यांग फरियादियों को अविलंब ट्राई-साइकिल देने का आदेश दिया, जिसके बाद प्रभारी पदाधिकारी द्वारा दोनों को तुरंत ट्राई-साइकिल उपलब्ध कराई गई। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों को 30 दिनों की निश्चित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निष्पादित करने का आदेश भी दिया।

भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने अवैध कब्जा से संबंधित मामलों को तुरंत भूमि सुधार उप समाहर्ता के न्यायालय में अग्रसारित कर दिया, जबकि म्यूटेशन और नापी से जुड़े अन्य विवादों पर संबंधित अंचल अधिकारियों से दूरभाष पर सीधे बात कर समस्याओं का तुरंत समाधान करने और उसकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘सात निश्चय-3’ के तहत हर नागरिक का सम्मान सुनिश्चित करना और उनके जीवन को सुगम बनाना जिला प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है इसीलिए आम जनता की समस्याओं के निवारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसके साथ ही, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता के बीच विश्वास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी ने उपस्थित फरियादियों को सीधे आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि तय समय-सीमा के बीत जाने के बाद भी आपकी समस्या का संतोषजनक समाधान नहीं होता है, तो आप बिना किसी संकोच या हिचकिचाहट के दोबारा इस जनता दरबार में आएं और मुझे सीधे इस बात की सूचना दें। जिला पदाधिकारी की इस अनूठी पहल, न्यायप्रिय कार्यशैली और इस सकारात्मक आश्वासन से वहां उपस्थित फरियादियों के चेहरों पर एक नई उम्मीद और खुशी की झलक साफ दिखाई दी।

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