कचहरी रोड व सोनमंखी-गौशाला रोड में निर्माणाधीन नाले का विधायक बबलू मंडल के साथ किया स्थल निरीक्षण
दीपक कुमार , खगड़िया
खगड़िया। नगर परिषद खगड़िया क्षेत्र के कचहरी रोड एवं सोनमंखी-गौशाला रोड में BUIDCO की ओर से कराए जा रहे नाला निर्माण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा ने निर्माण कार्य में कथित तकनीकी अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की है।

उन्होंने निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप काम सुनिश्चित कराने की मांग की है।ज्योतिष मिश्रा के अनुसार, निर्माणाधीन नाला कुछ स्थानों पर जमीन के नीचे तथा कहीं करीब दो फीट तक जमीन से ऊपर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कई स्थानों पर नाले का एलाइनमेंट निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होने का भी दावा किया। इसके अलावा सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद अन्य स्थानों पर निर्माण किए जाने को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाया। उनका कहना है कि भविष्य में सड़क चौड़ीकरण की स्थिति में इससे परेशानी उत्पन्न हो सकती है।विधायक के साथ किया स्थल निरीक्षणडीएम से शिकायत के बाद ज्योतिष मिश्रा ने मामले की जानकारी सदर विधायक बबलू कुमार मंडल को दी और उनके साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया।

दोनों ने कचहरी रोड एवं सोनमंखी-गौशाला रोड में निर्माणाधीन नाले का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान नाले के लेवल, एलाइनमेंट, सड़क के स्तर, निर्माण की स्थिति और कंक्रीट की गुणवत्ता से जुड़े बिंदुओं को देखा गया। इस दौरान निर्माण में तकनीकी मानकों के पालन को लेकर भी चर्चा की गई।कंक्रीट की गुणवत्ता पर भी उठाए सवालज्योतिष मिश्रा ने निर्माण के दौरान कंक्रीट डालने में वाइब्रेटर के पर्याप्त इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि कुछ स्थानों पर कंक्रीट में छेद एवं हनीकॉम्बिंग जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।

उन्होंने आशंका जताई कि यदि निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के अनुसार कंक्रीट का वाइब्रेशन नहीं किया गया है तो इससे नाले की मजबूती प्रभावित हो सकती है।उन्होंने नाले की कंक्रीट गुणवत्ता, मोटाई, मजबूती और निर्माण प्रक्रिया की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांगज्योतिष मिश्रा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि BUIDCO के अलावा किसी अन्य विभाग के अनुभवी सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता से निर्माण कार्य की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
जांच में नाले की लेवल, ढलान, गहराई, चौड़ाई, एलाइनमेंट, कंक्रीट की गुणवत्ता तथा भविष्य में सड़क चौड़ीकरण की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण की समीक्षा करने की मांग की गई है।उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य विकास कार्य को रोकना नहीं, बल्कि सरकारी राशि से हो रहे निर्माण को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और टिकाऊ बनाना है। उ
न्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो निर्माण कार्य पूरा होने से पहले उसे दुरुस्त कराया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में दोबारा सरकारी राशि खर्च करने की स्थिति न बने।ज्योतिष मिश्रा ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
