अजमेर :कांग्रेस जिलाध्यक्षों और डोटासरा, जूली ने नरेगा मजदूरों के साथ बहाया पसीना

Rakesh Gupta
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(हरिप्रसाद शर्मा) पुष्कर/ अजमेर : कांग्रेसियों ने शिविर में चरखा चलाया, राम धूनी गाकर बापू को ने याद किया । राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी
एवं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों के 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण एवं चिंतन शिविर के आठवें दिन श्रमदान का कार्यक्रम रखा गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस जिलाध्यक्षों ने नसीराबाद विधानसभा के फारकीया गाँव मे में नरेगा मजदूरो के साथ श्रमदान किया ।इससे पहले सातवे दिन वैचारिक मंथन, सामाजिक सरोकारों और संगठनात्मक व मजबूती पर केंद्रित रहा। राहुल गांधी के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित इस विशेष शिविर में देशभर से आए जिला अध्यक्ष गांधीवादी विचारधारा, सामाजिक न्याय और जनसरोकारों के विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की।

अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डा० राजकु‌मार जयपाल ने बताया कि शिविर के दौरान उपस्थित सभी जिलाध्यक्षों ने चरखा काटने और राम धूनी गाते हुए गांधीवादी मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया। बताया कि सादगी, सेवा और आत्मचिंतन के वातावरण में चल रहे इस शिविर में कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक मजबूत और जनहितकारी बनाने की दिशा में निरंतर मंथन किया जा रहा है। डा० जयपाल ने बताया कि शिविर में शुक्रवार को सुबह ध्वजवंदन, जेंटल आर्ट और श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रमदान के माध्यम से सामाजिक सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। तथा सुबह 10.30 बजे से दो चरणों में फासीवाद, बहुसंख्यकवाद और सांप्रदायिकता विषय पर विस्तृत चर्चा कर वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों पर गहन विचार विमर्श किया गया। इस वैचारिक सत्र में लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की भावना और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर विशेष जोर रहा। दोपहर 2.30 बजे से

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आदिवासी पॉलिटिक्स विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजत किया गया जिसमें आदिवासी समाज के अधिकार, प्रतिनिधित्व और राजनीतिक भागीदारी को लेकर चर्चा की गयी।

वहीं शाम 4.30 बजे आयोजित विशेष सत्र में वरिष्ठ नेता राजेंद्र पाल गौतम ने अपने विचारों से संभागी जिलाध्यक्षों को सम्बोधित किया। डा० जयपाल ने बताया कि यह शिविर केवल राजनीतिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा की भावना को मजबूत करने का एक व्यापक अभियान बन चुका है ।

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