बीसीसीआई की दिव्यांग क्रिकेट को समर्थन देने की पहल का हिमाचल प्रदेश ने किया स्वागत, रविकांत चौहान के प्रयासों की सराहना

Rakesh Gupta
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कुलदीप ठाकुर एवं गुरमीत सिंह ने कहा—बीसीसीआई के सहयोग और डीसीसीआई महासचिव रविकांत चौहान के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश सहित देशभर में दिव्यांग क्रिकेट को मिलेगी नई पहचान।

शिमला, हिमाचल प्रदेश। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा दिव्यांग क्रिकेट को प्रोत्साहित करने तथा दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं एवं अवसर उपलब्ध कराने की पहल का दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश ने स्वागत किया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (DCCI) के महासचिव रविकांत चौहान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग क्रिकेट के विकास के लिए संस्थागत सहयोग और बेहतर खेल सुविधाएं बेहद जरूरी हैं।

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दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर एवं महासचिव गुरमीत सिंह ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों में प्रतिभा, मेहनत और खेल के प्रति जुनून की कोई कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें उचित प्रशिक्षण, बेहतर खेल सुविधाएं और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की।उन्होंने कहा कि बीसीसीआई की ओर से दिव्यांग क्रिकेट को प्रोत्साहन देने की पहल देश में समावेशी क्रिकेट को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

इससे हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के दिव्यांग खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने के अवसर मिल सकते हैं।एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने DCCI के महासचिव रविकांत चौहान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग क्रिकेट को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके लिए बेहतर अवसर तैयार करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय से इस खेल को नई दिशा मिल सकती है।

हिमाचल प्रदेश में दिव्यांग क्रिकेट को बढ़ावा देने पर जोरकुलदीप ठाकुर और गुरमीत सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में दिव्यांग क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों की पहचान, प्रशिक्षण व्यवस्था, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित क्रिकेट संस्थाओं के सहयोग से प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे।उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और अपनी क्षमता साबित करने के लिए उचित मंच मिलना चाहिए।

खेल के माध्यम से दिव्यांग खिलाड़ी समाज में प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं और देश का गौरव बढ़ा सकते हैं।राज्य क्रिकेट संस्थाओं से सहयोग की अपीलदिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट संस्थाओं से अपील की कि वे दिव्यांग क्रिकेट के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। बेहतर प्रशिक्षण, खेल सुविधाओं और नियमित प्रतियोगिताओं के माध्यम से दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर दिया जाना चाहिए।

एसोसिएशन ने विश्वास जताया कि बीसीसीआई का सहयोग, DCCI के प्रयास और राज्य स्तर पर सक्रिय भागीदारी दिव्यांग क्रिकेट को मजबूत बनाने में सहायक होंगे। इससे हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और क्रिकेट में आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।“दिव्यांग खिलाड़ियों को समान अवसर, सम्मान और उचित मंच देना ही समावेशी क्रिकेट की सच्ची पहचान है।”— कुलदीप ठाकुर, अध्यक्ष एवं गुरमीत सिंह, महासचिवदिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश

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