डॉo संजय (हाजीपुर)-गंडक एवं गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला पदाधिकारी, वैशाली, वर्षा सिंह ने आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों एवं राहत-बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला पदाधिकारी ने नदियों के वर्तमान जलस्तर, उसकी प्रवृत्ति तथा संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिले में की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तैयारियों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। नदियों के जलस्तर एवं उसकी प्रवृत्ति पर लगातार नजर रखने तथा स्थिति में होने वाले प्रत्येक महत्वपूर्ण बदलाव की तत्काल जानकारी प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।वर्तमान में राघोपुर, महनार, देसरी, सहदेई बुजुर्ग, हाजीपुर एवं बिदुपुर प्रखंडों की कुल 19 पंचायतों के 31 गांव तथा नगर परिषद हाजीपुर का 1 वार्ड आंशिक रूप से प्रभावित है।
जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुविधा एवं राहत-बचाव कार्यों को ध्यान में रखते हुए कुल 101 नावों का परिचालन कराया जा रहा है, ताकि आमजन के आवागमन में कठिनाई न हो।राहत कार्यों के तहत जरूरतमंद लोगों के पॉलीथिन शीट का वितरण किया जा रहा है। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि आवश्यकता के अनुसार प्रभावित परिवारों को पॉलीथिन शीट एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाती रहे तथा किसी भी जरूरतमंद परिवार को सहायता के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।जिला पदाधिकारी ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता बनाए रखने के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में पॉलीथिन शीट, पशुचारा, आवश्यक दवाइयों एवं चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने पशुधन की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देते हुए प्रभावित क्षेत्रों में पशुचारा की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा।स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग द्वारा आंशिक रूप से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाकर मानव एवं पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला पदाधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों में मेडिकल टीम की उपस्थिति एवं तत्परता सुनिश्चित रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।जिला पदाधिकारी ने एस डी आर एफ की टीमों को पूरी तरह अलर्ट एवं स्टैंडबाय मोड में रहने तथा सभी संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी एवं क्षेत्र भ्रमण करते हुए स्थानीय परिस्थितियों का जायजा लेने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अभियंता एवं तटबंधों पर प्रतिनियुक्त कर्मियों द्वारा 24×7 तटबंधों की सतत निगरानी की जा रही है।
इसके अतिरिक्त पी एच ई डी , विद्युत विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी संभावित स्थिति में आवश्यक सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहें।गंडक एवं गंगा नदी के जलस्तर की स्थितिवाल्मीकिनगर बराज से सुबह 06:00 बजे 1,31,500 क्यूसेक जलश्राव दर्ज किया गया। विगत तीन दिनों में वाल्मीकिनगर बराज से 30 अगस्त को 1,77,800 क्यूसेक, 31 अगस्त को 1,19,000 क्यूसेक तथा 01 सितंबर को 1,50,200 क्यूसेक जलश्राव दर्ज किया गया।प्रमुख गेज स्थलों की स्थिति के अनुसार, रेवा घाट में गंडक नदी का जलस्तर 53.67 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 54.41 मीटर से 0.74 मीटर नीचे है। लालगंज में जलस्तर 50.91 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 50.50 मीटर से 0.41 मीटर ऊपर है तथा यहां जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है।हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर 49.69 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 50.32 मीटर से 0.63 मीटर नीचे है।
हालांकि यहां भी जलस्तर में वृद्धि की प्रवृत्ति दर्ज की गई है। वहीं गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 49.71 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से 1.11 मीटर ऊपर है तथा जलस्तर में वृद्धि जारी है।जिला प्रशासन द्वारा गंडक एवं गंगा नदी के जलस्तर, प्रभावित क्षेत्रों तथा तटबंधों की निरंतर निगरानी की जा रही है। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित पदाधिकारियों एवं राहत-बचाव टीमों द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक एवं प्रमाणिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी प्रकार की आवश्यकता अथवा आपात स्थिति में जिला प्रशासन के नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया जा सकता है।
