विधायक बबलू मंडल ने जल संसाधन विभाग से मांगी कार्रवाई, 7,500 एकड़ कृषि भूमि को जलजमाव से राहत दिलाने की मांग
दीपक कुमार,खगड़िया। खगड़िया विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ एवं जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर विधायक बबलू कुमार मंडल ने जल संसाधन विभाग के समक्ष दो महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। विधायक ने बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी को अलग-अलग पत्र भेजकर बूढ़ी गंडक नदी के तटबंधों पर पक्की सड़क निर्माण तथा कराची-बदलाघाट तटबंध के बीच जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक संरचनाओं के निर्माण की मांग की है।
7,500 एकड़ कृषि भूमि जलजमाव से प्रभावित
विधायक ने अपने पत्र में बताया है कि खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कराची-बदलाघाट तटबंध के किमी 29.00 से 35.00 के बीच लंबे समय से गंभीर जलजमाव की समस्या बनी हुई है। इसके कारण करीब 7,500 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होती है।
जलजमाव के कारण किसानों को प्रत्येक वर्ष परेशानी का सामना करना पड़ता है। कृषि भूमि पर लंबे समय तक पानी जमा रहने से खेती प्रभावित होने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। विधायक ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उक्त तटबंध खंड में तीन एंटी फ्लड स्लूइस गेट के निर्माण को आवश्यक बताया है।
6.41 करोड़ रुपये की योजना विभाग को भेजी गई
विधायक के अनुसार प्रस्तावित स्लूइस गेट के निर्माण को लेकर डिजाइन एवं ड्राइंग से संबंधित तकनीकी सामग्री विभाग को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके लिए करीब 6 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत का कार्य प्रस्ताव तैयार कर विभाग को अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
विधायक ने जल संसाधन विभाग के मंत्री से योजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि हजारों एकड़ कृषि भूमि को जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि केवल अस्थायी रूप से पानी निकालने के बजाय क्षेत्र में स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित करना जरूरी है। एंटी फ्लड स्लूइस गेट के निर्माण से जलनिकासी की समस्या का वैज्ञानिक एवं स्थायी समाधान संभव होगा।
बूढ़ी गंडक तटबंध पर 39 किलोमीटर पक्की सड़क की मांग
विधायक ने दूसरे पत्र के माध्यम से बूढ़ी गंडक नदी के बाएं एवं दाएं तटबंध पर पक्की सड़क निर्माण का मामला उठाया है। प्रस्ताव के अनुसार बाएं तटबंध पर करीब 19 किलोमीटर और दाएं तटबंध पर करीब 20 किलोमीटर, यानी कुल लगभग 39 किलोमीटर लंबाई में पक्की सड़क का निर्माण कराया जाना जनहित में आवश्यक है।
विधायक ने कहा कि तटबंध पर पक्की सड़क बनने से बाढ़ प्रभावित एवं तटबंध से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। वर्तमान में सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को विशेषकर बरसात और बाढ़ के दौरान काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
दर्जनों गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रस्तावित सड़क निर्माण से तटबंध के आसपास बसे अनेक गांवों को सीधा लाभ मिलने की बात कही गई है। इनमें आहोक, सादपुर, चक्की, विशनपुर, तेतरी, मघुवा, विशनपुर आहोक, गोविंदपुर, घर दियारा, जोगिया, चकनौरा सहित अन्य गांव शामिल हैं।
पक्की सड़क बनने से ग्रामीणों को वर्षभर बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी। खासकर बाढ़ एवं बरसात के समय आवागमन की समस्या कम होने की उम्मीद है।
बाजार, अस्पताल और प्रखंड मुख्यालय तक पहुंच होगी आसान
विधायक ने कहा कि तटबंध पर पक्की सड़क बनने से ग्रामीणों को बाजार, प्रखंड एवं जिला मुख्यालय, विद्यालय, अस्पताल और अन्य आवश्यक संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी। किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में भी सहूलियत मिलेगी।
सड़क निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने तथा स्थानीय लोगों के आवागमन को सुगम बनाने की उम्मीद है।
प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति की मांग
विधायक बबलू कुमार मंडल ने जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी से क्षेत्र की आवश्यकता और बड़ी आबादी को होने वाले लाभ को देखते हुए दोनों योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने तथा आवश्यक विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है।
इन दोनों मांगों के माध्यम से विधायक ने एक ओर बाढ़ एवं जलजमाव से प्रभावित कृषि भूमि के स्थायी समाधान का मुद्दा उठाया है, वहीं दूसरी ओर बूढ़ी गंडक के तटबंधों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की पहल की है। योजनाओं को स्वीकृति मिलने पर खगड़िया विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण एवं बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलनिकासी, आवागमन, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लाभ मिलने की संभावना है।
