शिक्षकों के हितों को लेकर शिक्षा मंत्री से मिले जनता दल (यूनाइटेड) एवं एनडीए प्रत्याशी ई. आनंद पुष्कर

Rakesh Gupta
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पटना, 23 जून 2026। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जनता दल (यूनाइटेड) एवं एनडीए प्रत्याशी ई. आनंद पुष्कर ने आज बिहार सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से शिष्टाचार मुलाकात कर राज्य के सभी कोटि के शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षाकर्मियों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा। उन्होंने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि शिक्षकों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य में गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

ई. आनंद पुष्कर ने मांग-पत्र के माध्यम से वित्तरहित अनुदानित संस्थानों के बकाया अनुदान के अविलंब भुगतान तथा अनुदान व्यवस्था के स्थान पर नियमित वेतनमान लागू करने की मांग की। उन्होंने सभी कोटि के शिक्षकों के लिए समान एवं पूर्ण वेतनमान, पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, संस्कृत, मदरसा एवं अन्य अल्पसंख्यक विद्यालयों के आधारभूत संरचना विकास हेतु विशेष अनुदान, स्मार्ट क्लास की व्यवस्था तथा वहां कार्यरत शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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उन्होंने विशेष रूप से अल्पसंख्यक, संस्कृत एवं मदरसा विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के लंबित वेतन एवं अनुदान राशि के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लंबे समय से वेतन भुगतान लंबित रहने के कारण हजारों शिक्षक एवं उनके परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेकर भुगतान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

श्री पुष्कर ने स्थानीय निकाय के विशिष्ट शिक्षकों एवं विद्यालय अध्यापकों को पूर्ण सेवा निरंतरता के आधार पर अर्जित समस्थानिक इंडेक्स में वेतन निर्धारण, चिकित्सा अवकाश की स्वीकृति, 10, 20 एवं 30 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर वित्तीय उन्नयन, समयबद्ध प्रोन्नति, वेतन विसंगतियों के निराकरण तथा प्रधानाध्यापकों के लिए सम्मानजनक वेतनमान निर्धारित करने की भी मांग की।

इसके अतिरिक्त उन्होंने राज्य के शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने, उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने, डिजिटल शिक्षा संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने तथा शिक्षकों के लंबित सेवा संबंधी मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने की मांग की।

ई. आनंद पुष्कर ने यह भी मांग की कि विद्यालय से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक सभी शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु एक समान 65 वर्ष की जाए, ताकि शिक्षा जगत से जुड़े कर्मियों के साथ नैसर्गिक न्याय सुनिश्चित हो सके तथा उनके अनुभव का लाभ समाज और विद्यार्थियों को प्राप्त होता रहे।

मुलाकात के दौरान माननीय शिक्षा मंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना तथा शिक्षकों के हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया।

अंत में श्री पुष्कर ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान केवल शिक्षकों के हित में ही नहीं, बल्कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार शिक्षकों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर शिक्षा जगत को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

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