सिवान:विद्या भवन महिला महाविद्यालय में UG CBCS इंटर्नशिप कार्यक्रम का सफल समापन

Rakesh Gupta
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सीवान। विद्या भवन महिला महाविद्यालय, सीवान में UG CBCS Semester-V, Session 2023–2027 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंटर्नशिप कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य Prof. (Dr.) C. B. Singh ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, इंटर्नशिप टीम एवं सहयोगियों को बधाई देते हुए कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।

महाविद्यालय में इंटर्नशिप पूर्ण कराने वाला यह प्रथम कार्यक्रम रहा, जिसमें कुल 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इंटर्नशिप कार्यक्रम का आयोजन Face of Future India (FFI) के माध्यम से किया गया, जो My Bharat, Ministry of Youth Affairs and Sports, Government of India की एक Nodal Agency है।

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कार्यक्रम की Nodal Internship Officer डॉ. रीता शर्मा, दर्शनशास्र विभाग रहीं। वहीं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन, समन्वय एवं सहयोग की जिम्मेदारी Internship Mentors डॉ. इरम अल्ताफ , अंग्रेजी विभाग एवं डॉ. मनीषा ठाकुर, गृह विज्ञान विभाग ने निभाई।इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को Education, Healthcare, IT, Digital Skills, Artificial Intelligence (AI), Life Skills एवं Personality Development जैसे विभिन्न व्यावहारिक एवंकौशल-आधारित क्षेत्रों से जोड़ा गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक अनुभव, संचार कौशल, डिजिटल दक्षता, आत्मविश्वास एवं रोजगारपरक क्षमताओं का विकास करना रहा।इंटर्नशिप के सफल समापन के अवसर पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को Internship Completion Certificates प्रदान किए गए। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कौशल-आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं व्यावसायिक अनुभव प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।महाविद्यालय के प्राचार्य Prof. (Dr.) C. B. Singh ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इंटर्नशिप केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान को व्यवहार से जोड़ने और स्वयं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का अवसर है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता एवं नई तकनीकों को सीखने की जिज्ञासा विकसित करें। आज की छात्राएँ केवल अपने भविष्य का निर्माण नहीं कर रहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी दिशा देने की क्षमता रखती हैं।

इसलिए प्रत्येक छात्रा को अपने हुनर पर विश्वास रखते हुए निरंतर सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। दर्शनशास्र विभाग की डॉ.पूजा कुमारी ने कहा कि सीखने की कोई सीमा नहीं होती। अपने ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाइए और हर अवसर को अपने उज्ज्वल भविष्य की एक नई सीढ़ी समझकर आगे बढ़िए।”

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