सुख का विलोम दुःख है – पवन
पुष्कर के दाधीच भवन में श्रीमद्भागवत कथा का हुआ शुभारंभ
(हरिप्रसाद शर्मा) पुष्कर/ अजमेर :- मालोदिया परिवार रतरेश, सूरत द्वारा अधिक भास के उपलक्ष में आयोजित 7 दिवसीय भागवत कथा बुधवार को विधिवत प्रारम्भ हुई। कथा के आरम्भ भव्य कलश यात्रा रामधाम से शुरू हुई। जिसमें पीताम्बर पहने माताओं बहनों ने बड़ी संख्या में कलश उठाये। बैंड बाजों के साथ आनन्द उल्लास भरे वातावरण में सभी भक्तजन साथ रहे । मालोदिया परिवार ने बताया कि भगवान की यह कथा तीर्थराज पुष्कर में श्रवण करना बड़े सौभाग्य का विषय की बात है ।
व्यासपीठ से कथावाचक पवन किशोर ने कहा कि सुख का विलोम दुःख है। अन्य स्थिति भी आगे पीछे होती है। लेकिन भगवान आनन्द के आगे पीछे भी केवल आनन्द है। भागवत कथा ही ऐसा माध्यम है जो ज्ञान, वैराग्य और अध्यात्मक का मार्ग दिखलाता है। जिसे राजा परीक्षित ने भी अपने अंतिम जीवन के समय में सुना।
साथ ही कथा में पधारे गणमान्य अतिथियों को महाराजश् ने दुपट्टा ओढाकर आर्शीवाद दिया। जिसमें गोविन्द जी शर्मा, रामनिवासजी शर्मा, रिजवा श्री जे.पी. शर्मा, भंवरलाल विनोद दाधीच शामिल थे। मालोदिया परिवार खरेश, सूरत ने बताया कि कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 1 से 5 बजे का रहेगा ।
