(हरिप्रसाद शर्मा ) पुष्कर/ अजमेर/धार्मिक नगरी पुष्कर में स्थित शीतल आश्रम में गौ सम्मान आह्वान अभियान के निमित्त चल रही दो दिवसीय कार्यशाला के अन्तिम दिवस शनिवार को भारत के सभी राज्यों के राज्य स्तरीय, संभागीय स्तरीय एवं जिला स्तरीय कार्य को संभालने वाले गऊएँ प्रेमी कार्यकर्ताओं को ब्रजमंडल क्षेत्र के प्रमुख संत एवं मालूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास महाराज के कृपा पात्र पूज्य गोपेश कृष्ण दास महाराज”गोपेश बाबा” प्रसिद्ध भजन सम्राट प्रकाश नाथ महाराज टोंक, ओंकार दास महाराज काशी,प्रकाश नारायण जी महाराज गुजरात, चन्द्रमा दास महाराज सीकर,सुदर्शन दास महाराज कुचामन,परमानंद महाराज दौसा आदि दिव्य संतों की सन्निधि में देशभर से पधारे गऊएँ भक्तों और गऊएँ सेवकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यह अभियान किसी संस्था, संगठन या राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं, बल्कि गौ माता और नंदी बाबा के सानिध्य में संचालित होगा।
कार्यशाला में उपस्थित संतों और गऊएँ सेवकों ने एक स्वर में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना, गऊएँ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करवाना और गोवर्धन संस्कृति के संरक्षण के लिए ठोस सरकारी नीतियां बनवाना है। उपस्थित संतों ने सरकार से आग्रह किया कि गौ रक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनाया जाए, गऊएँ हत्या और गोतस्करी में लिप्त अपराधियों को आजीवन कारावास का प्रावधान हो तथा जब्त किए गए वाहनों को गऊएँ शालाओं के उपयोग में लाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की कि गोबर और गोमूत्र पर आधारित अनुसंधान विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएं, पंचगव्य औषधियों का आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में नि:शुल्क वितरण किया जाए तथा सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल का उपयोग अनिवार्य किया जाए। गौशालाओं को मनरेगा से जोड़ा जाए, बिजली बिल में छूट मिले और निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए चारे की उचित व्यवस्था हो।
एक दिसम्बर से प्रारंभ होगा अभियान
अभियान से जुड़ी कार्ययोजना के अनुसार, दिसम्बर से मार्च 2026 तक पूरे देश में गो सम्मान अभियान के निमित्त प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके बाद 27 अप्रैल 2026 को भारत की सभी 5000 हजार तहसील केंद्रों में एक ही दिन एवं एक ही समय भारत में विराजित वेद लक्षणा गऊएँ माता की सेवा,सम्मान एवं सुरक्षा के लिए भारत के महामहिम राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री, राज्यों के महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम का प्रार्थना पत्र तहसीलदार अथवा उपखण्ड अधिकारी को दिया जाएगा और तीन माह सरकार को प्रार्थना पत्र पर विचार करने का समय दिया जाएगा । यदि सरकार ने सनातनियों की प्रार्थना पर तीन महीने तक कोई निर्णय नहीं लिया तो फिर जुलाई,अक्टूबर 2026 में देश के 790 जिला एवं राज्यों के मुख्यालय पर पुन: चरणबद्ध रूप से यह प्रक्रिया दोहराई जाएगीऔर उसके बाद 27 फरवरी 2027 को देश के 790 जिलों व 5000 तहसीलों से संत और गोभक्त देश की राजधानी दिल्ली में एकत्र होकर शांतिपूर्ण संकीर्तन के माध्यम से गौ सेवा, गौ सुरक्षा और गौ सम्मान के लिए केन्द्र सरकार से संकीर्तन एवं पत्र लेखन द्वारा प्रार्थना की जाएगी । यह प्रार्थना छह माह यानि 15 अगस्त 2027 तक चलेगा।
गैर राजनैतिक एवं अहिंसक स्वरूप में होगा अभियान
अभियान पूरी तरह अहिंसक रहेगा, इसमें किसी प्रकार का भाषण, मंचीय उद्घोषणा या राजनीतिक स्वरूप नहीं होगा। कोई भी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा, केवल संकीर्तन, प्रार्थना और जनजागरण के माध्यम से संदेश दिया जाएगा। अभियान का प्रतीक केवल नंदी महाराज और गौमाता का चित्र होगा। भारत के सभी राज्यों से 250 से अधिक गो भक्तों एवं दिव्य संतो की उपस्थिति में दो दिवसीय कार्यशाला का देशभर से पधारे दिव्य संतो के आशीर्वचन एवं सभी प्रतिभागियों ने गो सेवा के पुनित कार्य की प्रतिज्ञा के साथ दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ।
