(हरिप्रसाद शर्मा ) जयपुर : राजस्थान पुलिस में बुधवार को व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया गया, जिसमें 52 पुलिस निरीक्षकों (सीआई) को पदोन्नत कर उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) बनाया गया है। पदोन्नत अधिकारियों को राज्य के विभिन्न जिलों और विशेष इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार यह निर्णय प्रशासनिक आधार पर लिया गया है, जिसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और विशेष शाखाओं की कार्यक्षमता बढ़ाना है।
इन पदोन्नत अधिकारियों को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और सीआईडी जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों में तैनात किया गया है। नरपत सिंह चारण को ACB जयपुर में डिप्टी एसपी बनाया गया है। वहीं रविन्द्र कुमार और मुकेश शर्मा को राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में उप पुलिस अधीक्षक पद पर लगाया गया है। महावीर सिंह यादव को SOG जयपुर में जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा मदन लाल को प्रतापगढ़, आनंद कुमार को श्रीगंगानगर, बुद्धाराम को बाड़मेर, पुरुषोत्तम महरिया को भरतपुर, निरंजन प्रताप सिंह को जालोर और रामनिवास मीणा को अलवर में साइबर क्राइम शाखा में डीएसपी के रूप में नियुक्त किया गया है।
इसी के साथ पुलिस मुख्यालय ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। सात अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (ADGP) स्तर के अधिकारियों को विभिन्न रेंजों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि वरिष्ठ स्तर पर सीधे निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
जारी आदेश के अनुसार, एडीजी कार्मिक बीजू जॉजे जोसफ के. को भरतपुर रेंज, दिनेश एम. एन. को जयपुर रेंज, संजीव कुमार नर्जारी को बीकानेर रेंज, विशाल बंसल को कोटा रेंज, हवा सिंह घुमरिया को जोधपुर रेंज व आयुक्तालय, एस. सेंगथिर को उदयपुर रेंज और रुपिन्दर सिंह को अजमेर रेंज का प्रभारी बनाया गया है।
महानिदेशक पुलिस (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार अग्रवाल द्वारा जारी इस आदेश का उद्देश्य जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति की नियमित समीक्षा करना और पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है। इस नई व्यवस्था से न केवल प्रशासनिक निगरानी मजबूत होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर पुलिस की जवाबदेही और कार्यक्षमता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
