छपरा सदर। राजेंद्र कॉलेज, छपरा में पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालय के पूर्व छात्रों को एक मंच पर संगठित करना, उनके योगदान को स्मरण करना तथा संस्थान की प्रगति में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना रहा। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उदय शंकर पांडे ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि पूर्ववर्ती छात्र किसी भी शैक्षणिक संस्थान की अमूल्य धरोहर होते हैं। उन्होंने महाविद्यालय के विकास में पूर्व छात्रों के सहयोग की अपेक्षा व्यक्त करते हुए उन्हें संस्थान की उन्नति का सहभागी बनने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि राजेंद्र कॉलेज ने समाज को अनेक प्रतिभाएं दी हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों और युवा शक्ति के सशक्तिकरण पर बल दिया तथा महाविद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, सवर्ण आयोग, बिहार ने अपने उद्बोधन में शिक्षा को सामाजिक समरसता और प्रगति का आधार बताया। उन्होंने पूर्व छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव और संसाधनों से संस्थान एवं समाज को सशक्त बनाने में योगदान दें। उन्होंने बताया कॉलेज के पूर्व छात्र होने के नाते मैं इसे से अपना मंदिर मानता हूं। प्रारंभ से ही कॉलेज और विश्वविद्यालय के हितों के लिए हमेशा संघर्ष किया है। विदित है कि डॉ. महाचंद्र प्रसाद सिंह ने कॉलेज के विकास हेतु माननीय न्यायालय में याचिका भी दायर की थी जिसके कारण कॉलेज को करोड़ों का बजट सरकार ने प्रदान किया है जिससे नए भवन निर्माण कार्य किया जा रहा है।
प्रो. अभय प्रताप एवं प्रो. लालबाबू यादव ने महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन को आपसी संवाद और सहयोग का सशक्त माध्यम बताया।अवधेश कुमार मिश्रा, राजीव रंजन शर्मा, ज्ञानेश वर्मा एवं सुरेश कुमार चौबे ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए महाविद्यालय से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया तथा संस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में पूर्ववर्ती छात्र, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन आपसी संवाद, सहयोग और संस्थागत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
बिहार सरकार के माननीय पूर्व मंत्री एवं सवर्ण आयोग के अध्यक्ष डॉ. महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने राजेंद्र कॉलेज, छपरा में आयोजित पूर्ववर्ती छात्र समागम में अध्यक्ष के रूप में भाग लिया और कार्यक्रम की अध्यक्षता की।अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने महाविद्यालय के प्रति अपनी गहरी आस्था और भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त करते हुए कहा, “राजेंद्र कॉलेज, छपरा मेरी स्मृतियों, मेरे संस्कारों और मेरे जीवन की आधारशिला है। मैं इस महाविद्यालय को मंदिर मानता हूँ। इसलिए आज यहाँ आने से पहले मैंने पूरे महाविद्यालय परिसर की परिक्रमा की, क्योंकि यह मेरे लिए आस्था, प्रेरणा और जीवन निर्माण का पवित्र स्थल है।”
अपने छात्र जीवन को स्मरण करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि इस महाविद्यालय ने उन्हें शिक्षा के साथ-साथ जीवन का उद्देश्य, समाज के प्रति संवेदनशीलता और जनसेवा की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने महाविद्यालय के जर्जर भवन को देखा तो उन्हें गहरी पीड़ा हुई, क्योंकि यही वह स्थान है जहाँ उनके जीवन के सपनों ने आकार लिया।
महाविद्यालय की गरिमा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने नए भवन निर्माण के लिए पटना उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की। न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद भवन निर्माण कार्य प्रारंभ होना उनके लिए अपनी मातृसंस्था और गुरुओं के प्रति कर्तव्य निर्वहन का संतोष है।
उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि महाविद्यालय पूरी तरह जर्जर हो चुका था। उनके प्रयासों से न्यायालय के माध्यम से 83 करोड़ रुपये की स्वीकृति सुनिश्चित हुई तथा बिहार सरकार द्वारा कैबिनेट से 63 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन किया गया, जिससे नए भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
उन्होंने कहा कि शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी और छात्र इस महाविद्यालय की आत्मा हैं और उनके साथ उनका संबंध परिवार जैसा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि महाविद्यालय परिवार की समस्याओं के समाधान तथा इसके सतत विकास के लिए वे आगे भी निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए पूर्ववर्ती छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने अपील की कि हम सब जहाँ भी हैं, हमारी जड़ें इसी संस्थान से जुड़ी हैं। इस महाविद्यालय का विकास हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके गौरव को आगे बढ़ाना अपने अतीत का सम्मान है।
अपने संबोधन के अंत में डॉ. सिंह ने कहा कि राजेंद्र कॉलेज ने उन्हें जो पहचान दी है, उसके प्रति उनका समर्पण जीवनभर बना रहेगा और वे सदैव इसके विकास और गरिमा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
आगे उन्होंने जय प्रकाश विश्वविद्यालय की चर्चा करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से विश्वविद्यालय को 267 एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जिस पर आज विश्वविद्यालय का व्यापक विस्तार हो रहा है और यह एक बड़े शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।: कॉलेज की पत्रिका राका, डॉ. संजय कुमार की पुस्तक तथा डॉ. नीलांबरी गुप्ता लिखित पुस्तक का भी विमोचन किया गया। मंच संचालन डॉ. ऋचा मिश्रा, मंच व्यवस्था डॉ. ज्योति कुमारी और डॉ. बी एस साहू द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार सिंह ने किया।
मौके पर डॉ के जे वर्मा ,डॉ कुमार वीरेश्वर सिन्हा,डॉ सी पी यादव,डॉ कामेश्वर सिंह, दो पूनम, डॉ संजू कुमार, डॉ अशोक कुमार डॉ सुनील प्रसाद,डॉ अनुपम कुमार ,डॉ मृणाल चंद्र ,डॉ अर्पित श्रीवास्तव,डॉ तनु , डॉ ज्योति डॉ निधि कुमारी, दो र ऐमन रेयाज डॉ ऋचा मिश्रा, डॉ परेश कुमार,डॉ राकेश कुमार सिंह सहिय काफी संख्या में पूर्ववर्ती छात्र शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित थे।
