डॉo संजय (हाजीपुर)- ऐतिहासिक गांधी आश्रम परिसर स्थित गांधी स्मारक पुस्तकालय के सचिव -सह- रेलवे के पूर्व राजभाषा अधिकारी ,भोलानाथ ठाकुर का सोमवार को प्रातःकाल गाँधी आश्रम मोहल्ला स्थित निवास स्थान पर देहावसान हो गया। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़े गए हैं।स्वo भोला नाथ ठाकुर विगत कुछ वर्षों से बीमार चल रहे थे। कौनहारा घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ।
उनके ज्येष्ठ पुत्र वरिष्ठ अधिवक्ता, कुमार विकास ने उन्हें मुखाग्नि दी। स्वर्गीय भोला नाथ ठाकुर जबतक जीये साहित्य के अनुरागी बनकर रहे। वे मधुरभाषी होने के साथ-साथ सरलता उनके स्वभाव और व्यवहार में था। साहित्य के प्रति उनका प्रेम और समर्पण आजीवन रहा। वे सदैव सकारात्मक विचार के हिमायती रहे। ऐतिहासिक गाँधी स्मारक पुस्तकालय में साहित्सेवियों के आगमन और लगाव, जुड़ाव बना रहे इसके लिए वे सदैव प्रत्यनशील रहे तथा साहित्यसेविओं, रंगकर्मियों को उत्साहित करते रहे। वे गाँधीवादी विचारधारा के पक्षधर थे।
वर्षों तक गाँधी स्मारक पुस्तकालय में आयोजित होने वाली कवि-गोष्ठी के सूत्रधार रहे। उनके संपर्क में रहने वाले लोग उनके स्वभाव से प्रभावित होते रहे।उनके नहीं रहने की खबर ने गाँधी आश्रम मोहल्ला वासी सहित वैशाली जिले के साहित्सेवियों, रंगकर्मियों को भावुक और दुःखी कर दिया।
उनका स्वर्ग सिधारना वैशाली जिले के लिए अपूर्णीय क्षति है। गाँधी स्मारक पुस्तकालय से जुड़े सदस्यों के लिए हृदयाघत है। डॉo विजय कुमार,मनोरंजन वर्मा,सुमन कुमार, प्रोo अनिल लोदीपुरी, प्रोo अमरेश श्रीवास्तव, सत्येश्वर कुमार,राजेश कुमार शर्मा, मुकेश कुमार शर्मा, कुमार हरि भूषण, कुमार वीरभूषण,आशुतोष सिंह, सीताराम सिंह,शंभु शरण मिश्र, अविनाश कुमार, मनोज कुमार,डॉo शिवबालक राय प्रभाकर, डॉo नंदेश्वर सिंह सहित जिले के सभी साहित्यिक,सांस्कृतिक संस्थानों से जुड़े हुए सभी साहित्यसेवी, रंगकर्मियों ने दुख प्रकट किया है।
